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महापुराण कथा में गूंजा रुद्राभिषेक का महात्म्य, कथा व्यास ने बताए अलग-अलग अभिषेक के महत्व

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खिरनी बाग रामलीला मैदान में शिव महापुराण कथा,कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री ) समेत कई लोगों ने आरती-पूजन में लिया हिस्सा 

विश्व मोहन वाजपेयी

शाहजहांपुर। खिरनी बाग स्थित रामलीला मैदान में चल रही महापुराण कथा में कथा व्यास प्रशांत प्रभु जी महाराज ने शिव भक्तों को रुद्राभिषेक के महत्व और उससे जुड़े धार्मिक विधान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रुद्र अर्थात भूतभावन भगवान शिव का अभिषेक ही रुद्राभिषेक है। शिव और रुद्र एक-दूसरे के पर्याय हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव अपने भक्तों के दुखों का नाश करते हैं, इसलिए उन्हें रुद्र भी कहा जाता है।

कथा व्यास ने शिव महापुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य के कर्म ही उसके सुख-दुख का कारण बनते हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक को धार्मिक परंपरा में पापकर्मों के नाश और शिव कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना गया है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना से साधक में शिवत्व का भाव जागृत होता है और उसे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


अलग-अलग कामनाओं के लिए अलग पदार्थों से अभिषेक की मान्यता

प्रशांत प्रभु जी महाराज ने रुद्राभिषेक में उपयोग होने वाले विभिन्न पदार्थों का धार्मिक महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि जल से रुद्राभिषेक करने से वर्षा की कामना की जाती है, जबकि असाध्य रोगों की शांति के लिए कुशोदक से अभिषेक करने की मान्यता है।

उन्होंने बताया कि भवन और वाहन की प्राप्ति के लिए दही, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने के रस, धनवृद्धि के लिए शहद और घी से रुद्राभिषेक करने का विधान बताया गया है। वहीं तीर्थ के जल से अभिषेक को मोक्ष प्राप्ति से जोड़ा गया है। इत्र मिले जल से अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति की धार्मिक मान्यता बताई गई।

कथा व्यास ने कहा कि पुत्र प्राप्ति की कामना के लिए दूध से रुद्राभिषेक करने का विधान बताया गया है। योग्य और विद्वान संतान की प्राप्ति के लिए भी रुद्राभिषेक को महत्वपूर्ण माना गया है। ज्वर की शांति के लिए शीतल जल या गंगाजल से अभिषेक करने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि सहस्रनाम मंत्रों के उच्चारण के साथ घी की धारा से रुद्राभिषेक करने को वंश वृद्धि से जोड़ा गया है।


श्रावण और शिवरात्रि में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व

प्रशांत प्रभु जी महाराज ने कहा कि तीर्थस्थलों, शिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण माह में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है। शिवलिंग का अभिषेक भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने का प्रमुख माध्यम है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राभिषेक से मनुष्य के पाप और कष्ट दूर होते हैं तथा उसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

उन्होंने कहा कि शिव महापुराण में अभिषेक की महिमा का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि जब भक्त श्रद्धा से भगवान शिव का अभिषेक करता है तो महादेव स्वयं उस पूजा को स्वीकार करते हैं। उन्होंने शिव भक्तों से श्रद्धा और विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक करने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री समेत कई लोगों ने किया पूजन

महापुराण कथा के दौरान आयोजित आरती और पूजन में कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, डीपीएस राठौर, सहकारी बैंक अध्यक्ष मुनेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख डॉ. विजय पाठक, हरिशरण वाजपेयी, श्रीदत्त शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख विश्व मोहन वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, ठाकुर अखिलेश सिंह, गौरव त्रिपाठी, विष्णु मिश्रा तथा आचार्य विवेकानंद शास्त्री सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

कथा के दौरान बड़ी संख्या में शिव भक्त मौजूद रहे और भगवान शिव के जयकारों से कथा स्थल भक्तिमय बना रहा।

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